प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर बनाया जाएगा। साथ ही उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष रखी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के सम्मुख रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत विभिन्न जिलों में रिक्त 883 पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने और पदोन्नति के रिक्त पदों को भी शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मृतक आश्रितों को भी बिना विलंब किए नियुक्ति देने का कार्य शुरू किया जाए।
मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न जिलों में स्टाफ नर्स, लैब टेक्निशियन, स्वास्थ्य अधिकारी, विशेषज्ञ चिकित्सक, आयुष स्वास्थ्य अधिकारी, फार्मासिस्ट, सलाहकार, सामाजिक कार्यकर्ता, मिडवाइफरी एजुकेटर के पद रिक्त चल रहे हैं। इन्हें भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए इनका अलग कैडर बनाया जाए। इनकी सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का भी विकल्प देते हुए विस्तृत प्रस्ताव कैबिनेट के सम्मुख लाया जाए।
बैठक में बताया गया कि एनएचएम के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में 8.31 करोड़ का बजट स्वीकृत था, जिसमें से 4.60 करोड़ ही खर्च हो पाया है। विभागीय मंत्री ने बजट खर्च की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वार्षिक बजट को शत-प्रतिशत खर्च करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। इसकी प्रत्येक माह समीक्षा की जाएगी।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान, अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, निदेशक एनएचएम डा सरोज नैथानी समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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