हरिद्वार टाइगर शिकार मामले में रिमांड पर आलम उर्फ फम्मी, क्राइम सीन रिक्रिएशन की तैयारी

बाघों के शिकार मामले में पकड़े गए आलम उर्फ फम्मी की रिमांड वन महकमे को मिल गई है.

देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग फिलहाल बाघों की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटा हुआ है, इसके लिए घटना स्थल से तमाम सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा हैं. इसी आधार पर जांच को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. हालांकि अभी वन विभाग के हाथ बहुत कुछ नहीं लग पाया है, लेकिन वन विभाग की कोशिश है कि इस घटनाक्रम से जुड़े हर तथ्य तक पहुंचा जाए ताकि इस पूरे मामले का खुलासा हो सके.

उधर इस प्रकरण के सामने आने के साथ ही वन विभाग ने पहले आलम उर्फ फम्मि की गिरफ्तारी की और बाद में दो और आरोपियों को धर दबोचा. इनमें से सबसे पहले पकड़े गए आलम को वन विभाग पहले ही जेल भेज चुका है. हालांकि जांच को आगे बढ़ाते हुए वन विभाग ने आलम की रिमांड कोर्ट से मांगी थी. जिसे कोर्ट ने मंजूर भी कर लिया है. वन विभाग को 23 मई को 24 घंटे के लिए आलम की रिमांड मिल पाएगी. वन विभाग जेल से सुबह 10 बजे अलाम को रिमांड पर लेगा. उम्मीद की जा रही है कि आलम को आज वन विभाग पूरी सुरक्षा के साथ घटनास्थल पर ले जाएगा और यहां पर बाकी सबूत की पहचान और नए सुबूतों की खोजबीन की जाएगी.

इस मामले पर हरिद्वार के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि कोर्ट में आलम की रिमांड लेने का प्रयास किया गया था. जिसके बाद आरोपी की रिमांड विभाग को मिल गई है. खास बात यह है कि आरोपी की रिमांड मिलने के बाद अब कई अनसुलझे पहलुओं से भी पर्दा उठने की उम्मीद लगाई जा रही है. इस दौरान वन विभाग ने पहले ही दो नए आरोपियों को धर दबोचा है और इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण फरार आरोपी को भी जल्द पकड़े जाने का दावा किया गया है.

हालांकि पहले ही रेंजर्स समेत कुछ नीचे के अधिकारियों को वन विभाग कारण बताओं नोटिस जारी कर चुका है, हालांकि पूर्व में रेंजर के निलंबित होने तक की भी चर्चाएं चल रही थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि रेंजर पर यह बड़ी कार्रवाई होने के बजाय उसे हॉफ कार्यालय में अटैच किया जा सकता है. इस दौरान घटनास्थल पर क्राइम सीन तैयार किया जा सकता है ताकि इस पूरे मामले की असल स्थिति सामने आ सके और सभी पहलुओं पर वन विभाग को जानकारी मिल सके ताकि भविष्य में शिकारियों के खिलाफ मजबूती के साथ कैसे लड़ा जा सके.

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