हरीश और प्रीतम ने एकदूसरे पर फिर साधा निशाना, लोकसभा चुनाव को लेकर लगाए ये बड़े आरोप

लोकसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन चुनाव लडने या नहीं लडने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह फिर आमने-सामने हो गए हैं। लोकसभा…

नए संसद भवन के उद्घाटन पर CM धामी ने जताया आभार, कहा, प्रधानमंत्री ने दी संसद भवन की ऐतिहासिक सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत राज्य के भाजपा सांसदों ने नए संसद भवन के उद्घाटन को ऐतिहासिक क्षण बताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा…

प्रदेश सरकार युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप पर जोर दे रही है। इसके लिए प्रदेश में एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है। युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने में सहयोग करने के लिए अभी तक 13 इंक्यूबेटर की स्थापना को मंजूरी दी जा चुकी है। अब सरकार की योजना राज्य में 30 नए इंक्यूबेशन खोलने की है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को स्टार्टअप खोलने में सहायता मिल सके। नए नवाचार व उद्योगों को बढ़ावा देने का काम: प्रदेश सरकार इस समय नए नवाचार व उद्योगों को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप नीति 2022 बनाई है। इस नीति का लक्ष्य स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का विकास, विश्व स्तरीय संस्थागत बुनियादी ढांचे का निर्माण व युवाओं को प्रोत्साहित करना है। युवा इसमें अपने नवाचार को छोटी पूंजी से भी शुरू कर सकते हैं। युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने में सहयोग करने के लिए सरकार ने इंक्यूबेंशन सेंटर स्थापित किए हैं। इंक्यूबेशन सेंटर एक ऐसा केंद्र है, जहां पर स्टार्टअप को सभी प्रकार की सुविधाएं और सहयोग प्रदान किया जाता है। इंक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप के लिए तकनीकी सहयोग, विधिक दस्तावेज बनाने में सहयोग, नेटवर्क, बिजनेस कनेक्शन, काम करने के लिए स्थान और शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराते हैं। 13 इंक्यूबेशन सेंटर खोलने की अनुमति दी जा चुकी: इस कड़ी में प्रदेश में 13 इंक्यूबेशन सेंटर खोलने की अनुमति दी जा चुकी है। अभी प्रदेश में 144 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। प्रदेश सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 1000 स्टार्टअप को बढ़ावा देने की है। इसके लिए सरकार ने हर जिले में कम से कम एक और पूरे राज्य में 30 इंक्यूबेशन सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा है। यह इसलिए ताकि युवाओं को अपने स्टार्टअप शुरू करने में कोई परेशानी न उठानी पड़े। 10 लाख रुपये तक की एकमुश्त सीड फंडिंग: सरकार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को 10 लाख रुपये तक की एकमुश्त सीड फंडिंग दे रही है। नए इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए एक करोड़ और मौजूदा इंक्यूबेशन सेंटर के विस्तार के लिए 50 लाख रुपये तक का पूंजीगत उपादान देने की योजना भी बना रही है।

देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर चल रहे विमर्श के बीच उत्तराखंड की भाजपा सरकार इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार…