कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरुद्ध दमनकारी नीति अपनाने और केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसियों ने उत्तराखंड की सड़कों पर प्रदर्शन किया। दून में घंटाघर…
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उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं और ऊर्जा निगम के लिए राहत की खबर है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अगले छह माह तक प्रदेश को अतिरिक्त बिजली प्रदान करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आग्रह पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने यह पहल की है। साथ ही उत्तराखंड को काशीपुर स्थित गैस प्लांट से भी आगामी एक अप्रैल से 321 मेगावाट बिजली प्रतिदिन मिलनी शुरू हो जाएगी। भीषण गर्मी पड़ने की आशंका के बीच उत्तराखंड में बिजली का संकट पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, बिजली की किल्लत से निपटने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से भी भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड को अगले छह माह केंद्र से मिलेगी बिजली, काशीपुर गैस प्लांट से मिलेगी मदद
उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं और ऊर्जा निगम के लिए राहत की खबर है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अगले छह माह तक प्रदेश को अतिरिक्त बिजली प्रदान करने के आदेश जारी…
धामी सरकार का एक साल: खींचतान से दूर रही राज्य सरकार, किसी भी मंत्री के दामन पर नहीं लगा दाग
पुष्कर सिंह धामी सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर उनकी टीम के सदस्य, यानी मंत्रियों के कामकाज का आकलन भी स्वाभाविक है। पांचवीं विधानसभा के…
सीएम धामी ने दिए निर्देश, बोले- विधायकों के प्राथमिकता पर रखे गए कार्यों में न की जाए देरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा नियमित रूप से करें। उन्होंने विधायकों द्वारा रखी…
उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने साधा निशाना, कहा- देश की जनता से माफी मांगें राहुल गांधी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल ने जिस तरह विदेश की धरती…
सीएम धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से की भेंट, केंद्र से 400 मेगावाट बिजली मिलने की बंधी उम्मीद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 मार्च के बाद, यानी आगामी एक अप्रैल से प्रदेश में होने वाले विद्युत संकट के संबंध में शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा…
कृषि मंत्री जोशी ने मंडी परिषद के अधिकारियो की ली बैठक, चर्चा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश।
शुक्रवार को प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से मंडी परिषद के प्रबंध निदेशक आशीष भटगांई ने भेंट की। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने मंडी…
पूरा होने वाला है धामी सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल, खत्म होगा इंतजार; जल्द बंटेंगे दायित्व
पिछले एक वर्ष से दायित्व पाने की आस बांधे भाजपा नेताओं को जल्द तोहफा मिलने जा रहा है। विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद अब मुख्यमंत्री पार्टी नेताओं…
Uttarakhand Budget 2023-24: वित्त मंत्री ने पेश किया 77 हजार करोड़ का बजट, रोजगार, निवेश व पर्यटन पर फोकस
धामी सरकार बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट प्रस्तुत किया गया। भराड़ीसैंण स्थित विधानभवन में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने वार्षिक…
गैरसैंण के निकट भराड़ीसैंण में सर्द हुए मौसम के बीच राजनीतिक पारा ऐसे उफान चढ़ा कि विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में मर्यादा तार-तार हो गईं। विशेषाधिकार हनन के मामले को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने कार्यसूची समेत विधेयकों की प्रतियां फाड़ीं और पीठ की तरफ पुस्तक उछाली। प्रभारी सचिव विधानसभा की टेबल को पलटने का प्रयास किया गया और माइक भी तोड़ा गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत सदन में मौजूद कांग्रेस के सभी 15 सदस्यों को दिनभर के लिए निलंबित कर दिया। फिर भी कांग्रेस विधायक सदन से बाहर जाने को राजी नहीं हुए। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुल सात बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के हंगामे के बीच ही राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के साथ ही छह विधेयक भी सदन के पटल पर रखे गए। मंगलवार को विधानसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान विशेषाधिकार हनन के विषय पर कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा शुरू किया। पीठ ने कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और सुमित हृदयेश के विशेषाधिकार हनन से संबंधित प्रकरणों पर विनिश्चय दिया। विधायक आदेश चौहान के प्रकरण पर पीठ ने कहा कि विधायक ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ऊधमसिंह नगर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया है। सरकार द्वारा इसकी जांच करने के बाद उन्हें रिपोर्ट सौंपी गई है। उनके द्वारा रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इसमें कोई प्रतिकूल तथ्य नहीं पाए गए हैं। साथ ही यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में यह मामला विशेषाधिकार हनन का नहीं बनता। विनिश्चय आने के बाद कांग्रेस ने किया हंगामा: पीठ ने कहा कि जहां तक गनर को बदले जाने की बात है तो वह विधायक के पास छह साल से कार्यरत है। यहां तक कि विधायक के घर में हुए घटनाक्रम में गनर की भूमिका संदिग्ध है। ऐसे में उन्हें हटाना प्राकृतिक न्याय है। विधानसभा अध्यक्ष की इस बात पर विपक्ष कांग्रेस विधायक नाराज हो गए और इसे विधायकों के अधिकार का हनन कहने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पीठ का विनिश्चय आ चुका है। इससे नाराज कांग्रेस विधायक पीठ के समक्ष आ गए और शेम-शेम के नारे लगाने लगे। टेबल पर चढे कांग्रेसी विधायक: कांग्रेसी विधायकों का हंगामा जारी रहा। वे प्रभारी सचिव विधानसभा की टेबल को पलटने के प्रयास करने लगे। सफल न होेने पर विधायक रवि बहादुर, आदेश चौहान व फुरकान अहमद टेबल पर चढ़ गए और विधेयकों की प्रतियां फाड़ते हुए नारेबाजी करने लगे। विधायक नहीं मानें तो किया निलंबित: विपक्ष के इस कदम पर सख्त निर्णय लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने पहले हंगामा कर रहे विधायकों को सदन से बाहर करने के निर्देश दिए। इस पर भी जब कांग्रेस विधायकों के तेवर बरकरार रहे तो विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष समेत सभी विधायकों को दिन भर के लिए निलंबित कर दिया।
धामी सरकार बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट प्रस्तुत करेगी। बजट करमुक्त रहने के अलावा किसानों, बागवानों, व्यापारियों के साथ ही…
