मसूरी में धूमधाम से मना दशहरा, श्रीराम की झांकियों पर पुष्पवर्षा, गांधी चौक पर रावण दहन, हनुमान के पात्र बने आकर्षण

चंद्रभान बने आकर्षण का केंद्र, 5 किलोमीटर पैदल चलकर लगाए जय श्रीराम के जयकारे, लोगों ने किया उत्साह और आस्था को सलाम

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में दशहरा का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया. श्री सनातन धर्म मंदिर में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा मलिंगार चौक, गुरुद्वारा चौक, लंढौर बाजार, घंटाघर, कुलड़ी और माल रोड होते हुए गांधी चौक पहुंची. रात को यहां रावण दहन हुआ. शोभायात्रा के दौरान 80 साल के चंद्रभान आकर्षण का केंद्र रहे.

श्रीराम की झांकियों पर पुष्पवर्षा: दशहरे के अवसर पर श्री सनातन धर्म मंदिर में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा मलिंगार चौक, गुरुद्वारा चौक, लंढौर बाजार, घंटाघर, कुलड़ी और माल रोड होते हुए गांधी चौक पहुंची. इसमें भगवान श्रीराम, राम दरबार, वनवासी राम परिवार, भगवान शिव और मां दुर्गा की झांकियां शामिल रहीं. श्रद्धालुओं ने जगह-जगह झांकियों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया. स्थानीय लोक कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े.

गांधी चौक पर हुआ रावण दहन: कुलड़ी पहुंचने पर श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति की ओर से भगवान राम की पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरित किया गया. गांधी चौक पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति ने पूजा-अर्चना की. इसके बाद बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के सामने बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया. रावण दहन के बाद शोभायात्रा वापस सनातन धर्म मंदिर पहुंची, जहां भगवान श्रीराम का राजतिलक कर प्रसाद वितरित किया गया.

शोभायात्रा का आकर्षण रहे हनुमान बने ठाकुर चंद्रभान: शोभायात्रा का आकर्षण रहे ठाकुर चंद्रभान की उम्र भले ही 80 वर्ष हो गई हो, लेकिन मन में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था और हनुमान जी का किरदार निभाने का जज्बा आज भी वैसा ही है. पहाड़ों की रानी मसूरी में दशहरे की शोभायात्रा के दौरान 80 वर्षीय ठाकुर चंद्रभान आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे. पिछले करीब 60 वर्षों से दशहरा शोभायात्रा में हनुमान जी का पात्र निभा रहे चंद्रभान इस बार भी हनुमान की वेशभूषा धारण कर पूरे उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए. मलिंगार चौक से पिक्चर पैलेस और गांधी चौक तक उन्होंने पैदल चलकर जय श्रीराम के जयकारे लगाए. उनकी ऊर्जा, भक्ति और समर्पण को देखकर लोग हैरान रह गए और जगह-जगह उनका उत्साह बढ़ाते नजर आए.

मसूरी में दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा और जनआस्था का प्रतीक भी है. सनातन धर्म सभा की ओर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा में इस बार भी भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी झांकियों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, बैंड-बाजों और स्थानीय लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली. लेकिन इन सबके बीच 80 वर्षीय चंद्रभान की उपस्थिति ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा.

60 साल से निभा रहे हनुमान का किरदार: ठाकुर चंद्रभान पिछले छह दशक से दशहरे की शोभायात्रा में हनुमान जी का किरदार निभाते आ रहे हैं. उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपनी परंपरा को टूटने नहीं दिया. हनुमान की वेशभूषा में सजे चंद्रभान जब शोभायात्रा में जय श्रीराम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े, तो लोगों ने उनका उत्साह देखकर जमकर सराहना की.

स्थानीय लोगों का कहना था कि जिस उम्र में आमतौर पर लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होने लगती है, उस उम्र में चंद्रभान का करीब पांच किलोमीटर तक पैदल चलना और लगातार भगवान श्रीराम के जयकारे लगाना उनके समर्पण की मिसाल है. वह अपनी गदा के माध्यम से लोगों को आशीर्वाद भी देते रहे. उनके प्रति लोगों की श्रद्धा और सम्मान देखते ही बन रहा था.

आस्था के साथ नई पीढ़ी को परंपरा से जोड़ रहे चंद्रभान: चंद्रभान का दशहरा शोभायात्रा में लगातार शामिल होना, केवल एक धार्मिक पात्र निभाने तक सीमित नहीं है. यह मसूरी की उस परंपरा की भी पहचान है, जिसे स्थानीय लोग वर्षों से संजोए हुए हैं. छह दशक तक एक ही धार्मिक आयोजन से जुड़े रहना उनके समर्पण और सांस्कृतिक विरासत के प्रति लगाव को दर्शाता है. उनकी मौजूदगी ने लोगों को यह संदेश भी दिया कि परंपराएं केवल आयोजनों से नहीं, बल्कि उन्हें पीढ़ी-दर-पीढ़ी निभाने वाले लोगों के समर्पण से जीवित रहती हैं.

60 साल पुरानी परंपरा से जुड़ी है मसूरी की दशहरा शोभायात्रा: पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी और शोभायात्रा समिति के सदस्य संजय अग्रवाल ने बताया कि मसूरी में दशहरे की शोभायात्रा वर्षों से निकाली जा रही है. इस आयोजन को देखने के लिए मसूरी के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों लोग पहुंचते हैं. दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है और शोभायात्रा शहर की धार्मिक आस्था व सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का काम करती है.

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है. इस बार भी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रही और पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना रहा.

मसूरी के दशहरे में जहां रावण दहन ने सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया, वहीं 80 वर्षीय ठाकुर चंद्रभान ने अपने जज्बे से यह दिखाया कि आस्था और समर्पण के सामने उम्र भी छोटी पड़ जाती है. छह दशक से हनुमान का किरदार निभा रहे चंद्रभान की उपस्थिति इस बार दशहरा शोभायात्रा की यादगार तस्वीरों में शामिल रही.

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