NASA ने Artemis-III मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के नामों का किया ऐलान, चांद पर उतरने की टेक्नोलॉजी करेंगे टेस्ट

NASA ने Artemis-III मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के दल का ऐलान कर दिया है. चार अंतरिक्ष यात्रियों का दल Orion कैप्सूल को दो लूनर लैंडर्स के साथ डॉक करने का अभ्यास करेगा.

न्यूयॉर्क: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने मंगलवार की रात को अपने ‘Artemis III’ मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के दल का ऐलान कर दिया है. यह मिशन अंतरिक्ष एजेंसी की उस योजना का अगला हिस्सा है, जिसके तहत अंततः अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारा जाएगा. यह घोषणा ‘Artemis II’ की चांद के चारों ओर की गई उस रिकॉर्ड-तोड़ यात्रा के दो महीने बाद की गई है, जिसने ‘Apollo 13’ के दूरी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था.

NASA ने जानकारी दी कि एजेंसी के रैंडी ब्रेसनिक, फ्रैंक रुबियो, आंद्रे डगलस और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के लुका परमिटानो चांद पर नहीं जाएंगे और न ही सतह पर उतरेंगे. इसके बजाय, वे अपने Orion कैप्सूल को दो लूनर लैंडर के साथ डॉक करने की प्रैक्टिस करते हुए पृथ्वी का चक्कर लगाएंगे.

NASA एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने कहा कि, “Artemis-III क्रू के लिए, हम आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं देते हैं.” बता दें कि एलन मस्क की SpaceX और जेफ बेजोस की Blue Origin लूनर लैंडर पहुंचाने की होड़ में लगी हैं. दो हफ़्ते के डेमो का लक्ष्य 2027 रखा गया है.

Blue Origin को हाल ही में एक झटका लगा, जब फ्लोरिडा में लॉन्च पैड पर इंजन-फ़ायरिंग टेस्ट के दौरान उसका विशाल रॉकेट फट गया. इससे आस-पास के घर हिल गए और आसमान नारंगी आग के गोले से जगमगा उठा.

NASA के जेरेमी पार्सन्स ने कहा कि इस रुकावट से कुछ सीखने का मौका मिला है और स्पेस एजेंसी को भरोसा है कि Blue Origin का रॉकेट समय पर तैयार हो जाएगा.

NASA के आर्टेमिस प्रोग्राम का मकसद 1970 के दशक के बाद पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर वापस भेजना है. इस प्रोग्राम में हाल ही में किए गए बदलावों का मकसद इसे Apollo युग की तरह तेज़ी से आगे बढ़ाना है, जिसमें 2028 में चांद पर उतरने से पहले पृथ्वी के चारों ओर एक स्पेसफ़्लाइट को भी शामिल किया गया है.

Artemis-III मिशन के कमांडर ब्रेसनिक ने कहा कि, “एक क्रू के तौर पर, अंतरिक्ष में Artemis-III मिशन को पूरा करने वाली टीम बनने पर हम सचमुच बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं.” मिशन स्पेशलिस्ट डगलस ने आगे कहा कि, “मेरा दिमाग अभी बहुत तेज़ी से चल रहा है. लेकिन मेरा दिल, यह बहुत गर्मजोशी और खुशी से भरा हुआ है.”

मई में, NASA ने भविष्य के मून बेस के लिए लैंडर, रोवर और ड्रोन बनाने के लिए Blue Origin समेत चार कंपनियों को करोड़ों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट दिए. आइज़ैकमैन ने कहा कि मून बेस का मकसद मंगल ग्रह के मिशन के लिए आधार तैयार करना है.

क्या है Artemis-III?
Artemis-III इंसानों के साथ भेजा जाने वाला एक स्पेस मिशन है. इसमें चार अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा में NASA के कैनेडी स्पेस सेंटर से ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) रॉकेट के ज़रिए Orion स्पेसक्राफ्ट में बिठाकर अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.

इस मिशन का मकसद Orion और कमर्शियल ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम के बीच ज़रूरी जुड़ाव और डॉकिंग क्षमताओं को टेस्ट करना है. इस टेक्नोलॉजी की ज़रूरत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा से चंद्रमा की सतह तक ले जाने के लिए होगी.

यह मिशन सीधे तौर पर अप्रैल में पूरी हुई ‘Artemis-II’ की कामयाबियों पर आधारित है. यह क्रू वाली टेस्ट फ़्लाइट थी, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों के साथ Orion के लाइफ़ सपोर्ट और सिस्टम की परफ़ॉर्मेंस को परखा गया था. Artemis-III इसी क्रम में अगला कदम है, जो NASA को चंद्रमा पर इंसानों की लगातार मौजूदगी बनाए रखने के लक्ष्य के और करीब ले जाता है.

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